जनता की शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता
जनता की शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता
जनता की शिकायतों का त्वरित निस्तारण कर शिकायतकर्ताओं को दी जाए सूचना।
सभी अधिकारी विधिक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए निर्धारित समय सीमा में समाधान सुनिश्चित करें।
लखनऊ। शनिवार को जनपद लखनऊ की पांचों तहसीलों में 'सम्पूर्ण समाधान दिवस' का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता जिलाधिकारी ने तहसील सरोजनीनगर में की। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनसामान्य की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर समाधान करना शासन की मुख्य प्राथमिकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि प्राप्त शिकायतों का निस्तारण एक सप्ताह के भीतर त्वरित और गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया जाए।
तहसील सरोजनीनगर में आयोजित शिविर के दौरान कुल 165 मामले सामने आए, जिनमें से 56 का मौके पर ही विभिन्न टीमों के माध्यम से निस्तारण कर दिया गया। शेष मामलों को संबंधित विभागों को इस निर्देश के साथ भेजा गया कि उनका समाधान सात दिनों के भीतर सुनिश्चित हो। जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिए कि निस्तारण के पश्चात अधिकारी शिकायतकर्ताओं को फोन कर उनका फीडबैक लें और निस्तारण की रिपोर्ट फोटो व वीडियो सहित प्रस्तुत करें।
पूरे जनपद की बात करें तो पांचों तहसीलों में कुल 640 प्रकरण प्राप्त हुए, जिनमें से 139 का मौके पर निस्तारण हुआ। तहसीलवार आंकड़ों के अनुसार, सदर में 41 में से 04, मलिहाबाद में 96 में से 08, बीकेटी में 126 में से 29 और मोहनलालगंज में 212 में से 42 प्रकरणों को हल किया गया। प्राप्त प्रार्थना पत्रों में सर्वाधिक 331 राजस्व विभाग से संबंधित थे, जबकि पुलिस के 81, विकास के 47 और अन्य विभागों के मामले शामिल रहे।
इस दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी एन बी सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राकेश सिंह, अपर जिलाधिकारी ट्रांस गोमती राजकुमार मित्तल, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट श्वेता, अपर नगर मजिस्ट्रेट द्वितीय सतीश चंद्र त्रिपाठी और तहसीलदार सरोजनीनगर सुखवीर सिंह सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने दोहराया कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की शिथिलता क्षम्य नहीं होगी।


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