हादसे की कहानी में आया बड़ा मोड़! नींद की झपकी से हुआ भीषण टकराव, जांच में ट्रक चालक पर नहीं आया दोष

हादसे की कहानी में आया बड़ा मोड़! नींद की झपकी से हुआ भीषण टकराव, जांच में ट्रक चालक पर नहीं आया दोष

PPN NEWS

Report by Athar Khan

हादसे की कहानी में आया बड़ा मोड़! नींद की झपकी से हुआ भीषण टकराव, जांच में ट्रक चालक पर नहीं आया दोष


सोनभद्र। थाना सिकंदरपुर क्षेत्र में हुई सड़क दुर्घटना के मामले में पुलिस की विस्तृत विवेचना के बाद घटनाक्रम की वास्तविक परिस्थितियां सामने आईं। प्रारंभ में हादसे के लिए सड़क किनारे खड़े आयल टैंकर के चालक पर लापरवाही पूर्वक गलत दिशा में वाहन चला कर दुर्घटना करने  का आरोप लगाया गया था, लेकिन जांच में उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद टैंकर चालक के विरुद्ध अपराध प्रमाणित नहीं हो सका। 

जांच में सामने आए तथ्यों के अनुसार, कार चालक को नींद की झपकी आने के कारण कार अनियंत्रित होकर सड़क के किनारे खड़े आयल टैंकर से जा टकराई। दुर्घटना के समय कार में सवार लोगों द्वारा सीट बेल्ट का प्रयोग भी नहीं किया गया था। टक्कर इतनी गंभीर थी कि कार में सवार कई लोगों को गंभीर चोटें आईं तथा दो लोगों की मृत्यु हो गई।

मामले में थाना सिकंदरपुर पुलिस द्वारा जांच अधिकारी उपनिरीक्षक माखन लाल के नेतृत्व में घटनास्थल का निरीक्षण किया गया और संबंधित व्यक्तियों के बयान, प्राथमिकी, घटनास्थल से प्राप्त साक्ष्य तथा अन्य दस्तावेजों का परीक्षण किया गया।

इसी दौरान बजाज जनरल इंश्योरेंस की एफएफआरएम टीम  द्वारा भी मामले की स्वतंत्र जांच करते हुए दुर्घटना से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्यों एवं दस्तावेजों को एकत्र किया गया और उन्हें पुलिस के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इन तथ्यों ने पुलिस विवेचना में महत्वपूर्ण सहयोग किया।

सभी उपलब्ध साक्ष्यों के परीक्षण के बाद पुलिस को आयल टैंकर वाहन संख्या सीजी 04 क्यूएस 9767 के चालक के विरुद्ध दुर्घटना कारित करने का अपराध प्रमाणित नहीं मिला। इसके बाद पुलिस द्वारा अंतिम रिपोर्ट संख्या  न्यायालय को प्रेषित की गई।

इस मामले में पुलिस की तथ्यपरक विवेचना और जांच अधिकारी द्वारा साक्ष्यों के आधार पर निकाले गए निष्कर्ष महत्वपूर्ण रहे। वहीं, बजाज जनरल इंश्योरेंस की एफएफआरएम टीम द्वारा उपलब्ध कराए गए जांच संबंधी तथ्यों ने घटनाक्रम की वास्तविक परिस्थितियों को सामने लाने में पुलिस को सहयोग दिया।

अंतिम रिपोर्ट पर स्वीकार्यता अथवा आगे की विधिक कार्रवाई का निर्णय न्यायालय द्वारा किया जाएगा।

Comments

Leave A Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *