यूपीआई के जरिए बैंक खाते में सेंध, पीड़ित के उड़े एक लाख रुपये
यूपीआई के जरिए बैंक खाते में सेंध, पीड़ित के उड़े एक लाख रुपये
शातिर जालसाजों ने क्रेडिट कार्ड और बैंक खाते को बनाया निशाना, 11 ट्रांजैक्शन के जरिए साफ की रकम।
महीनों बाद बैंक पहुंचने पर पीड़ित को हुई ठगी की जानकारी, पारा थाने में अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज।
पारा लखनऊ। राजधानी के पारा थाना क्षेत्र में साइबर ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ जालसाजों ने एक व्यक्ति के दो अलग-अलग बैंक खातों से यूपीआई (UPI) के माध्यम से करीब 1,00,000 रुपये पार कर दिए। पीड़ित को इस धोखाधड़ी की भनक तब लगी जब वह घटना के काफी समय बाद बैंक में अपनी पासबुक अपडेट कराने पहुंचा। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मामला नाजिम नगर, भपटामऊ निवासी यू० बी० सिंह से जुड़ा है। पीड़ित के मुताबिक, उनके भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के खाते से दो बार में 4,000 रुपये और बैंक ऑफ बड़ौदा के ग्रामीण बैंक क्रेडिट कार्ड से 9 अलग-अलग ट्रांजैक्शन के माध्यम से 88,900 रुपये अवैध रूप से निकाल लिए गए। हैरानी की बात यह है कि ये सभी ट्रांजैक्शन जुलाई माह के दौरान मात्र तीन दिनों के भीतर अंजाम दिए गए, लेकिन पीड़ित को इसकी जानकारी फरवरी में बैंक जाने पर हुई।
बैंक से प्राप्त विवरण के अनुसार, धोखाधड़ी के लिए पे-टीएम (PayTM) और फोन-पे (PhonePe) जैसे यूपीआई एप्स का इस्तेमाल किया गया था। पुलिस ने इस मामले में सूचना प्रौद्योगिकी (संशोधन) अधिनियम की धारा 66D के तहत केस दर्ज किया है, जिसका अर्थ है कि किसी व्यक्ति ने संचार संसाधन या कंप्यूटर डिवाइस का उपयोग करके प्रतिरूपण (किसी और की पहचान का इस्तेमाल) द्वारा धोखाधड़ी की है। इंस्पेक्टर राजेश सिंह को मामले की जांच सौंपी गई है ताकि दोषियों का पता लगाया जा सके और पीड़ित की रकम वापस कराई जा सके।


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