मंदिर प्रांगण में उमड़ी हजारों महिलाओं की भीड़, पुलिस ने बताया सुरक्षा का मंत्र
मंदिर प्रांगण में उमड़ी हजारों महिलाओं की भीड़, पुलिस ने बताया सुरक्षा का मंत्र
शीतला माता मंदिर परिसर में मिशन शक्ति के तहत हुआ जागरूकता कार्यक्रम
इंस्पेक्टर सतीश चंद्र राठौर की पहल की क्षेत्र में खूब हो रही सराहना
काकोरी लखनऊ। मिशन शक्ति फेज-6.0 के तहत रविवार को कस्बा काकोरी के शीतला माता मंदिर परिसर में महिला सुरक्षा, सम्मान और सशक्तीकरण को लेकर जागरूकता कार्यक्रम हुआ। पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा के निर्देश पर थाना काकोरी पुलिस की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में इलाके की हजारों महिलाएं और बालिकाएं बढ़-चढ़कर शामिल हुईं।
कार्यक्रम में पुलिस उपायुक्त (पश्चिमी) जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव, अपर पुलिस उपायुक्त (पश्चिमी) धनंजय कुशवाहा और सहायक पुलिस आयुक्त काकोरी शकील अहमद मौजूद रहे। थाने के प्रभारी निरीक्षक सतीश चंद्र राठौर की देखरेख में हुए इस आयोजन में मिशन शक्ति प्रभारी उपनिरीक्षक दिनेश कुमारी, थाने के सभी उपनिरीक्षक और पश्चिमी जोन की मिशन शक्ति प्रभारी भी पहुंचे। नगर पंचायत अध्यक्ष रोहित शाहू, सभासद, ग्राम प्रधान और क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने भी कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
महिला पुलिसकर्मियों ने लघु फिल्म दिखाकर महिलाओं और छात्राओं को उनके कानूनी अधिकारों, महिलाओं के खिलाफ अपराध रोकने वाले कानूनी प्रावधानों और सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के बारे में समझाया। बताया गया कि हर महिला और बालिका को सुरक्षित माहौल में रहने, पढ़ाई करने, सम्मान से जीने और अपने अधिकारों का खुलकर इस्तेमाल करने का हक है। उन्हें छेड़छाड़, उत्पीड़न या हिंसा को चुपचाप सहने के बजाय आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया गया।
संकट की घड़ी में घबराने के बजाय पुलिस आपातकालीन सेवा, वीमेन पावर लाइन, महिला हेल्पलाइन और चाइल्ड हेल्पलाइन की मदद लेने की सलाह दी गई। साइबर वित्तीय ठगी होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करने को कहा गया। अफसरों ने साफ किया कि पीड़ित महिलाओं और बालिकाओं को जरूरी मदद दिलाने और शिकायत पर नियमानुसार कार्रवाई के लिए पुलिस हर वक्त तैयार है।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने इंस्पेक्टर सतीश चंद्र राठौर की जमकर तारीफ की। लोगों का कहना है कि उनकी अगुवाई में काकोरी पुलिस न सिर्फ अपराध पर लगाम कसने में जुटी है, बल्कि आम जनता, खासकर महिलाओं और बेटियों से सीधा संवाद कर उनका भरोसा भी जीत रही है। इसी का नतीजा रहा कि इतनी बड़ी संख्या में महिलाएं बेझिझक कार्यक्रम में पहुंचीं।
कार्यक्रम का मकसद महिलाओं और बालिकाओं में आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता बढ़ाना, उन्हें अपनी परेशानी खुलकर रखने के लिए प्रेरित करना और समय पर सही मदद दिलाना रहा।

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