बाबू शोभनाथ मेमोरियल ट्रस्ट लखनऊ इकाई साहित्य मंच का मासिक कवि गोष्ठी।

बाबू शोभनाथ मेमोरियल ट्रस्ट लखनऊ  इकाई साहित्य मंच का मासिक कवि गोष्ठी।


अमित श्रीवास्तव ब्यूरो चीफ             


दिनांक 9-5-2026को समय शायं 6--8बजे आनलाइन समायोजित किया गया। मातृ दिवस पर विशेष रूप से विषयक कवि गोष्ठी की अध्यक्षता संस्थापक आदरणीय शिवकुमार सिंह दुर्गवंशी प्रस्तुत काव्य गीत, साहित्य की पीड़ा। साहित्य की किसे पहचान हुई। मोनिका वर्मा द्वारा, मां शारदे की बंदना,,मां शारदे की चरणों मे, प्रस्तुत कर काव्य गोष्ठी प्रारंभ हुआ। 

पुनः मां बेटी, मेरे आगन की चिडियां सुनाया, सुनील कुमार खुराना, मां की ममता होती प्यारी। 

आदरणीया सत्यभामा जी, चेतक की बलिदानी गाथा,देश के प्रति प्रेम,,राजीव पंत द्वारा,दूसरे दिन पत्नी पडोसी के साथ भाग गयी। 

अल्का केशरी द्वारा, तेरे बिन मेरी कैसे बीते।

संस्था के अध्यक्ष आदरणीया मधुलिका स्वरुप जी द्वारा,तुझे ढूढती हुई बहेगी हवा। ये हवा भी अनाथ हो जायेगी। 

कार्यक्रम का संचालन कर रहे वाराणसी से रामबहाल सिंह बहाल कवि द्वारा,,

छवि है रूप "बहाल कवि" सर पर हाथ सवारी मां।

अपनी प्यारी मां,अपनी प्यारी मां।

जगत जननी से बढ़कर जन्मदात्री हमारी. मां।।सुनाकर मातृ दिवस पर आयोजित कवि गोष्ठी साहित्य मंच को भाव विभोर कर दिया गया। 

संस्थापक जी समीक्षात्मक विचार व्यक्त किए गए और अध्यक्ष आदरणीया जी द्वारा सफल संचालन को धन्यवाद ज्ञापन कर सभा का समापन किया गया।

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