गोमती का पानी बढ़ा तो नाव से गांव-गांव पहुंचे डीएम और पुलिस के बड़े साहब, बीकेटी में राहत का इंतजाम
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- Updated: 3 October, 2026 17:35
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गोमती का पानी बढ़ा तो नाव से गांव-गांव पहुंचे डीएम और पुलिस के बड़े साहब, बीकेटी में राहत का इंतजाम
लासा, बहादुरपुर, सुल्तानपुर और अकड़िया मऊ में भरा पानी, 30 से ज्यादा नावें लगाई गईं
चार राहत शिविर बने, पका खाना, चारा और दवाएं बंटीं, कल से बंटेगा सूखा राशन।
लखनऊ। गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से बीकेटी तहसील के कई गांवों में पानी भर गया है। हालात देखने के लिए शनिवार को जिलाधिकारी विशाख जी और संयुक्त पुलिस आयुक्त बब्लू कुमार नाव से प्रभावित इलाकों में पहुंचे। दोनों अफसरों ने राहत और बचाव के कामों का जायजा लिया और गांव वालों से बात कर उनकी परेशानियां सुनीं।
जिलाधिकारी ने बताया कि लासा, बहादुरपुर, सुल्तानपुर और अकड़िया मऊ समेत आसपास के इलाकों में जलभराव हो गया है। लोगों की हिफाजत और सहूलियत के लिए बड़े पैमाने पर राहत और बचाव का काम चल रहा है। उप जिलाधिकारी ने बताया कि आने-जाने और जरूरी सामान पहुंचाने के लिए 30 से ज्यादा नावें लगाई गई हैं। जिलाधिकारी ने जरूरत के हिसाब से और नावों का इंतजाम करने के निर्देश दिए।
प्रभावित इलाकों में चार राहत शिविर और सहायता केंद्र बनाए गए हैं। यहां राजस्व, स्वास्थ्य और पशुपालन विभाग के अफसर और कर्मचारी चौबीसों घंटे मौजूद रहकर लोगों की मदद कर रहे हैं। जिलाधिकारी ने राहत शिविरों और राहत सामग्री के भंडार का भी मुआयना किया। उन्होंने आपूर्ति विभाग को हिदायत दी कि कल से पात्र और जरूरतमंद परिवारों को हाथों-हाथ राशन बांटा जाए।
तहसीलदार ने बताया कि शिविरों में रह रहे लोगों को पका हुआ खाना दिया जा रहा है। गांवों में रह रहे और जिनकी रोजी-रोटी पर असर पड़ा है, उन परिवारों को बाढ़ राहत किट भी दी जाएगी। मवेशियों के लिए हरे चारे और भूसे का भी पूरा इंतजाम किया गया है। अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने बताया कि कल से सभी प्रभावित इलाकों में सूखे राशन की किट बंटनी शुरू हो जाएगी।
एहतियात के तौर पर स्वास्थ्य विभाग प्रभावित परिवारों को जरूरी दवाओं की किट और क्लोरीन की गोलियां बांट रहा है, ताकि लोगों को साफ पीने का पानी मिल सके और सेहत से जुड़ी जरूरतें पूरी हों। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी और पशुपालन विभाग की टीमें भी लगातार इलाकों में डटी हैं और मवेशियों के इलाज के साथ चारे-भूसे की उपलब्धता पर नजर रख रही हैं।
जिलाधिकारी ने अफसरों को साफ निर्देश दिए कि राहत और बचाव के काम में किसी भी स्तर पर ढिलाई न बरती जाए। सभी अफसर और कर्मचारी प्रभावित इलाकों में लगातार घूमकर हालात पर नजर रखें और जरूरत पड़ते ही और संसाधन जुटाकर हर जरूरी सुविधा लोगों तक पहुंचाएं।
जिला प्रशासन और पुलिस महकमा चौबीसों घंटे अलर्ट पर रहकर प्रभावित इलाकों की निगरानी कर रहा है। किसी भी आपात स्थिति में फौरन राहत और बचाव पहुंचाने के लिए सारे इंतजाम चालू रखे गए हैं।
निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी प्रशासन, उप जिलाधिकारी बीकेटी, तहसीलदार बीकेटी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी और आपूर्ति विभाग समेत कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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